रील बनाने वाली बहु | New Modern Bride Story

New Modern Bride Story
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New Modern Bride Story : रेशमा अभी अभी कॉलेज से आई थी। तभी उसकी मां पुष्पा ने कहा।

पुष्पा: बेटी कैसा रहा तेरा पेपर पास तो हो जायेगी न।

रेशमा: मां तुम्हारे कहने से मैं कॉलेज जा रही हूं यही काफी नहीं है। वहां मैं नकल कर रही हूं। पास हो गई तो ठीक नहीं तो मुझे तो रील बनाने में मजा आता है।

पुष्पा: हे भगवान फिर से रील। तेरा तो रील से पेट ही नहीं भरता कल तेरी शादी करेंगे तो ऐसी लड़की से कौन शादी करेगा।

रेशमा हर दिन मां को समझाती लेकिन पुष्पा पुराने ख्यालों की थी। इसलिये रेशमा बिना उनसे बात करे अपने कमरे में चली गई और मोबाईल से रील बनाने लगी।

यह उसका रोज का काम था। वह मोबाईल से रील बनाती और उसे यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर upload कर देती थी।

उसके काफी फोलोअर्स भी बन गये थे। इधर पुष्पा जी को उसके विवाह की चिंता थी।

एक दिन पुष्पा ने रेशमा से कहा

पुष्पा: बेटी अब शादी कर ले।

यह सुनकर रेशमा ने कहा

रेशमा: मां मैंने लड़का ढूंढ लिया है। बस तुमसे मिलवा देती हूं। वह भी मुझे ऑनलाईन मिला था। रोज मेरी रील को लाईक और शेयर करता था। धीरे धीरे हम आपस में बात करने लगे। फिर वह मुझसे मिलने लगा। देखा रील का कमाल तुम्हारी सारी टेंशन दूर कर दी।

पुष्पा: लेकिन उसके घरवालों को पता है तू रील बनाती है।

रेशमा: मां उसने बात कर ली होगी। हमें क्या।

कुछ ही दिनों में रेशमा की शादी सुरेन्द्र से हो जाती है। नई ससुराल में जाते ही रेशमा का बहुत स्वागत हुआ। उसकी सास मालती अपनी बहु को बहुत लाड़ प्यार कर रहीं थीं। सुरेन्द्र उनका इकलौता बेटा था।

रेशमा अपने कमरे में पहुंची। वह फटाफट फोन निकाल कर रील बनाने लगी। रील में उसने अपनी ससुराल के बारे में बताया।

रात हो गई थी। तभी उसकी सास मालती जी उसके पास आईं

मालती: बेटी अब तू आराम कर ले। कल सुबह जल्दी उठ कर तैयार हो जाना पड़ोस की औरते मुंह दिखाई करने आयेंगी।

अगले दिन रेशमा सुबह जल्दी उठ कर नहा धो कर तैयार हो जाती है। जब तक पड़ोस की औरतों के आने का समय होने वाला था। उसने छत पर जाकर दो रील और बना कर डाल दीं।

शाम के चार बज गये लेकिन उनके घर एक भी औरत नहीं आई। तब मालती जी पड़ोस में गईं।

मालती: अरे बिमला तू मेरी बहु की मुंह दिखाई करने नहीं आई?

बिमला: मालती तेरी बहु ने तो पहले ही मुंह दिखाई कर दी, ये देख कितनी रील बना कर डाल दी उसने तो तेरा पूरा घर यहीं बैठे दिखा दिया  है। बड़ी अच्छी रील बनाने वाली बहु लाई है तू अपने सुरेन्द्र के लिये

अब तो पूरा मौहल्ला तेरी बहु को रोज देखेगा।

मालतीजी को बहुत गुस्सा आया वह जल्दी से घर आईं।

मालती: क्यों री बहु ये क्या पूरे मौहल्ले में हमारी नाक कटवा दी।

सुरेन्द्र: क्या हुआ मां अभी तो रेशमा को आये एक दिन हुआ है और आप उसे डॉटने लगीं।

मालती: वा बेटा पहले दिन ही बहु का गुलाम बन गया। पहले इससे पूछ इसने रील बना कर डाल दी पूरा मौहल्ला पहले ही इसे देख चुका है। अब हमारे घर मुंह दिखाई करने कौन आयेगा?

रेशमा कमरे में यह सब सुन रही थी, वह बाहर आई और बोली

रेशमा: मांजी मुझे तो रोज दो रील डालनी ही होती है। यह तो मैंने पहले ही इनसे कह दिया था।

सुरेन्द्र: मां इसी रील से तो हमारी मुलाकात हुई थी।

मालती: देख सुरेन्द्र मुझे गुस्सा मत दिला।। तू मेरा इकलौता बेटा है इसलिये मैं लव मैरिज को तैयार हो गई। इसे यहां रहना है तो रील बनाना बंद करना पड़ेगा।

रेशमा: सासू मां आप जो मर्जी कहें मैं अपना कैरियर खराब नहीं कर सकती।

सुरेन्द्र: अरे रेशमा तू चुप हो जा। मैं मां से बात करता हूं। तू अन्दर जा।

रेशमा गुस्सा होकर कमरे में चली जाती है।

सुरेन्द्र मां को समझाने की कोशिश करता है। लेकिन मालती जी का गुस्सा सातवें आसमान पर था।

अगले दिन जब सुरेन्द्र सुबह दूध लेने जा रहा था, तो दो लड़के उसे मिले।

पहला लड़का: भाभी की रील कब आयेगी। हम तो इंतजार कर रहे हैं।

दूसरा लड़का: भाई अब तो घर में नौकर लगा ले कब तक दूध लाता रहेगा। भाभी तो लाखों रुपये कमा रही होगी।

सुरेन्द्र को बहुत गुस्सा आया वह गुस्से में घर आ गया और उसने दूध का बरतन फेंक दिया।

रेशमा आवाज सुनकर बाहर आई तो सुरेन्द्र ने उसे सारी बात बता दी।

रेशमा: आप उनकी बातों पर ध्यान मत दो।

तभी मालती जी पीछे से आ गईं उन्होंने सारी बात सुन ली थी।

मालती: हां बेटा तू तो बस अपनी पत्नी की सुन। आज मन्दिर गई थी। वहां भी बस रेशमा की ही चर्चा हो रही थी। हमें तो अब यह मौहल्ला छोड़ना ही पड़ेगा।

रेशमा: मांजी आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आप चिंता मत कीजिये मैं सब संभाल लूंगी। मुझे कुछ दिन का समय दे दीजिये।

अगले दिन से रेशमा घर का सारा काम करके रील बनाती। साथ ही वह कुछ देर के लिये बाहर चली जाती थी। रील बनाने के लिये।

मालती जी घर में बैठी थीं। उन्होंने अब बाहर निकलना ही बंद कर दिया था।

एक दिन कुछ औरतें उनके घर आ गईं। उनमें बिमला भी थी।

बिमला: बहन हमें माफ कर दे। हमने तेरी बहु को गलत समझा उसका मजाक उड़ाया, लेकिन आज उसकी वजह से हमारा पूरा एरिया बहुत साफ हो गया, साफ पानी आने लगा और तो और सारे गुंडों को पुलिस पकड़ कर ले गइ।

मालती: बहु ओ बहु इधर आ ये सब क्या कर दिया तूने।

रेशमा: मांजी मैं जब घर से बाहर रील बनाने जाती थी तो इस एरिया की जो भी समस्या होती थी। जैसे सफाई, गंदा पानी, गुंडागर्दी इन सब पर रील बना कर पोस्ट कर देती थी।

बिमला: बहु हम सबने मन बना लिया है। अब तो इलेक्शन में तुझे ही टिकट दिलायोंगे और वोट भी तुझे देंगे।

मालती: बहु मुझे माफ कर दे मैंने तुझे गलत समझा।

रेशमा: मांजी मैं तो आपका गुस्सा ठंडा होने का इंतजार कर रही थी। ये देखिये मैं आपके लिये क्या लाई हूं।

रेशमा एक diamond necklace अपनी सास को देती है।

मालती: बेटी ये क्या है ये तो बहुत महंगा होगा।

रेशमा: हां मांजी पांच लाख का है। ये पैसे रील बना कर ही कमाये हैं मैंने।

बिमला: बेटी हमारी बहु को भी रील बनाना सिखा दे। घर का काम तो मैं ही कर लूंगी।

यह सुनकर सब हसने लगे।

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