बिल्ली और जादुई छड़ी | Arrogant Cat Story

Arrogant Cat Story

Arrogant Cat Story : एक शहर में एक जादूगर रहता था। जादूगर बहुत मशहूर था। उसके साथ काम करने वाले कई नौकर थे। जादूगर के पास दो बिल्लियां थीं।

जादूगर कमाल का जादू दिखाता था। उसके पास एक जादू की छड़ी थी। जादू की छड़ी से वह स्टेज पर एक बिल्ली को छोटा और एक बिल्ली को बड़ा कर देता था।

बच्चे जब अपनी आंखों के सामने बिल्ली को छोटा बड़ा होता देखते तो उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता था।

जादूगर के पास एक काले रंग का कोट भी था। उसे ही पहन कर वह जादू दिखाता था।

एक दिन एक बिल्ली ने दूसरी से कहा – ‘‘यह जादूगर हमें छोटा या बड़ा करके बहुत पैसे कमाता है। क्यों न हम इसकी जादू की छड़ी चुरा लें इससे हम पिंजरे का ताला तोड़ कर भाग सकते हैं।’’

दूसरी बिल्ली बोली – ‘‘वो सब तो ठीक है लेकिन उस छड़ी के साथ वह कोट भी चुराना पड़ेगा तभी जादू काम करेगा।’’

जादूगर अपनी छड़ी और कोट को बहुत संभाल कर रखता था। वह कोट और छड़ी उसे उसके गुरु ने दी थी।

एक दिन जादूगर जब बिल्लियों पर जादू दिखा रहा था। तो उसने एक बिल्ली को छोटा कर दिया। दूसरी बिल्ली ध्यान से छड़ी को घुमाते हुए देख रही थी।

शाम को जब शो खत्म हो गया। तो जादूगर आराम करने चला गया। दोंनो बिल्लियां दूध पी रहीं थीं।

मौका पाकर एक बिल्ली ने छड़ी उठा ली और दूसरी ने कोट उठा लिया।

कोट चुराने वाली बिल्ली ने झट से कोट पहन लिया उसे पहनते उसकी अन्दर जादुई शक्ति आ गई उसने झट से दूसरी बिल्ली के हाथ से छड़ी छीन ली।

दूसरी बिल्ली बोली – ‘‘चलो बहन मौका अच्छा है। ताला तोड़ कर यहां से भाग चलते हैं।’’

यह सुनकर पहली बिल्ली हसने लगी – ‘‘मुझे अब किसी का डर नहीं है।’’ यह कहकर उसने छड़ी दूसरी बिल्ली की ओर कर दी। जिससे दूसरी बिल्ली बिल्कुल छोटी हो गई।

कोट पहने बिल्ली ने फटाफट ताला तोड़ा और बाहर की ओर चल दी। छोटी बिल्ली बोली – ‘‘बहन तूने मेरे साथ अच्छा नहीं किया मुझ पर तरस खा मुझे भी अपने साथ ले चल।’’

लेकिन कोट पहने बिल्ली ने घमंड में कहा – ‘‘मैं अब किसी से कुछ भी करा सकती हूं। इसलिये मुझे अब तेरी जरूरत नहीं है। तू यहीं पड़ी सड़ती रह।’’

कोट पहने बिल्ली चल दी। तभी उसे कुछ याद आया। वह वापस आई और बोली – ‘‘इस जादूगर ने मुझे कई बार छोटा बड़ा किया है। अब मैं इसे छोटा कर देती हूं। जिससे इसे सबक मिलेगा।’’

वह छ़ड़ी जादूगर की ओर कर देती है। जादूगर को एक झटका लगता है। वह उठ जाता है। लेकिन छड़ी का जादू उस पर असर नहीं करता। यह देख कर बिल्ली आश्चर्य में पड़ जाती है।

तभी जादूगर कहता है – ‘‘जिस गुरु ने मुझे ये विद्या सिखाई थी। उन्होंने मुझे इसकी काट करने का तरीका भी बताया था।’’

जादूगर झट से आगे बढ़ कर बिल्ली को पकड़ लेता है। उसका कोट और छड़ी उसे वापस मिल जाती है।

फिर वह बिल्ली को रस्सी से बांध कर उल्टा लटका देता है।

उसके बाद वह छोटी बिल्ली को सही कर देता है।

बड़ी बिल्ली भूखी-प्यासी बारह घंटे तक लटकी रहती है। फिर वह जादूगर से माफी मांगती है।

लेकिन अब जादूगर को एक नया तमाशा दिखाने का मौका मिल जाता है। अब वह दूसरी बिल्ली के हाथ में छड़ी देकर उससे कोट वाली बिल्ली को छोटा करवाता था।

जिससे उस बिल्ली को बहुत कष्ट होता था लेकिन एक बिल्ली को जादू दिखाते देख कर बच्चे बहुत खुश होते थे और जादूगर की बहुत कमाई होती थी।

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